मुंबई के माझगांव में रविवार देर रात ‘माझगांव चा मोरया’ गणपति की मूर्ति के आगमन जुलूस पर अंडे फेंके जाने के बाद तनाव फैल गया। स्थानीय निवासियों और गणेश भक्तों का आरोप है कि जुलूस के इलाके से गुजरने के दौरान पास की एक इमारत से अंडे फेंके गए। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और तीखी बहस होने लगी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
गणपति मंडल के उपसचिव विवेक राणा के अनुसार, घटना उस समय हुई जब गणेश मूर्ति का आगमन जुलूस मंडप से करीब 30 से 40 मीटर की दूरी पर था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक इमारत से जुलूस पर अंडे फेंके गए और इस घटना को आपत्तिजनक बताया। मंडल ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
तनाव बढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जयंत मीणा मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया। एक वीडियो में जयंत मीणा लोगों से नारेबाजी या किसी तरह का उपद्रव न करने की अपील करते नजर आए। उन्होंने लोगों से पुलिस पर भरोसा रखने और कानून को अपना काम करने देने को कहा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुंबई पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अब अधिकारी आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
अखिल सार्वजनिक उत्सव समिति महाराष्ट्र के अध्यक्ष हितेश चंद्रकांत जाधव ने कहा कि कथित तौर पर एक अंडा एक हाउसिंग सोसाइटी की ओर से आया और गणेश मूर्ति को ले जा रही ट्रॉली के पास गिरकर टूट गया। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद तनाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में गणेश भक्त माझगांव पहुंच गए।
हितेश जाधव ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल समेत कई संगठनों के सदस्य भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने गणपति मंडल को समर्थन दिया। उनका दावा है कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और मौके पर मौजूद लोगों को आश्वासन दिया है कि 24 घंटे के भीतर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भक्तों और गणेश मंडलों से शांत रहने और आधिकारिक मंडल चैनलों से आगे की जानकारी का इंतजार करने की अपील की।
महाराष्ट्र में 10 दिवसीय गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा। मुंबई में करीब 10,600 सार्वजनिक गणेश मंडल हैं। हालांकि, खबरों के मुताबिक इनमें से करीब 2,500 मंडलों ने 10 दिवसीय उत्सव के लिए अनुमति प्राप्त की है। पूरे महाराष्ट्र में इस उत्सव के दौरान करीब 28 लाख गणेश प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की उम्मीद है।
